Life Style Changes To Increase Eye sight in hindi

Life Style Changes To Increase Eye sight in hindi—–( नेत्र रोग ओर दृष्टिके लिए जीवनशैली में बदलाव )—-

अपनी नज़र को तेज़ करने के लिए सिर्फ खानपान में परिवर्तन करना काफी नहीं है। जीवनशैली में परिवर्तन भी इस लिहाज से काफी ज़रूरी है। नीचे दिए गए परिवर्तन आप अपनी जीवनशैली में कर सकते हैं :

  • आपकी दिनचर्या और भोजन का आँखों पर बहुत प्रभाव पड़ता है। इसलिये ऐसा भोजन करें जो विटामिन्स और न्यूट्रीशन से भरपूर हो।
  • आँखो की रोशनी बढाने के लिए ठंडी करके वस्तुवे लेनी चाहिये | नमक का प्रयोग कम करें|
  • सुबह नींद से उठने के बाद नंगे पाँव हरी घास पर चलने से भी आँखों की रौशनी प्राकृतिक रूप से बढती है |
  • नियमित रूप से अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें |

.

  • शोधों से साबित हुआ है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें आँखों की समस्याये अधिक होती हैं। मैकुलर डिजनरेशन (macular degeneration) और मोतियाबिन्द जल्दि हो जाता है।
  • धूम्रपान की तरह ही आँखों की ऊपर बतायी गयी समस्याएं सूरज की रोशनी के अतिरिक्त संपर्क में आने की वजह से भी हो सकते हैं। अतः जब भी कभी आप बाहर निकलें तो धूप का चश्मा अवश्य पहन लें। इस बात का ख्याल रखें कि आपके चश्मे UV सुरक्षित हों। आँखों को पूरी तरह ढकने वाले चश्मे सबसे अच्छे होते हैं | जो आँखों को धूल और धूप से भी बचाते है।
  • आँखों की थकान को जितना हो सके कम करने का प्रयास करें। इसके लिए कंप्यूटर की रोशनी को कम करके रखें। किसी चमकदार चीज़ पर देर तक नज़रें गड़ाए रहने से आँखों को नुकसान पहुंचता है।
  • कंप्यूटर, लैपटॉप और टी.वी. अधिक देर तक देखने की बजाये बीच बीच में ब्रेक लेते रहें।

.

NOT WACH TV CLOSEIY
  • अगर आप लम्बे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं तो कंप्यूटर की लिखाई को अपनी आँखों के हिसाब से आरामदायक बनाने का प्रयास करें। अक्षरों को बड़ा कर देने से आँखों पर कम दबाव पड़ता है और इनसे जुड़ा नुकसान होने की संभावना भी काफी कम होती है।
  • सुबह दांत साफ करके, मुंह में पानी भरकर मुंह फुला लें। इसके बाद आंखों पर ठंडे पानी के छीटे मारें। प्रतिदिन तीन बार सुबह, दोपहर तथा शाम को ठंडे पानी से मुख भरकर और फुलाकर और ठंडे पानी से आखों पर हल्के छींटे मारने से नजर तेज होती है।

मुंह से पानी निकालते समय भी पूरे जोर से मुंह फुलाते हुए वेग से पानी छोड़ने से अधिक लाभ होता है | इससे आंखों के आस पास झुर्रियां नहीं होतीं और मस्तिष्क क्षेत्र में पित्त का संतुलन रखने में मदद मिलती है। 

अगर आप अपनी आँखों को हमेशा स्वस्थ रखना चाहते है और उन्हें हमेशा खूबसूरत बनाये रखना चाहते हैं तो ऊपर बताये गये तरीकों को अपनाएँ और इन्हें हमेशा स्वस्थ रखें। हर 3 महीने में आँखों के डॉक्टर को दिखाना भी अनिवार्य है।

Leave a Comment